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अब जैविक-रासायनिक हथियारों पर होगी दुष्टों की नज़र

यदि अब तक के सबसे घातक हथियारों और उसके अमानवीय प्रभावों को याद करें तो एक भयानक चित्र सदैव आँखों के समने आता है, हिरोशिमा पर गिरा परमाणु हथियार । और उससे भी घातक परमाणु हथियार बनने की होड़ । आज हमारी पृथ्वी पर इतने परमाणु हथियार अलग-अलग देशों के पास है जो कि एकContinue reading “अब जैविक-रासायनिक हथियारों पर होगी दुष्टों की नज़र”

अतार्किक होते हुए भी क्युँ प्रचलित है जातिवाद

हमारे देश मे कई समस्यायें है, उसमें से जो दुष्टतम है, वह है जातिवाद । नित्य समाचार-पत्र इस तरह की घतनाओं से अटे रहते है । कोई जाति किसी को भी नीचा दिखा सकती है । कभी ब्राह्मण-क्षत्रिय को, कभी क्षत्रिय-ब्राह्मण को, वैश्य-शूद्र को या शूद्र-ब्राह्मण को । यह विवाद इन सभी जातियों के भीतरContinue reading “अतार्किक होते हुए भी क्युँ प्रचलित है जातिवाद”

Feminism is nice, but why settle for a lesser idea ?

Quick Look At Feminism History Feminism is a western idea which is among the most talked about and debated topics in west. First wave of Feminism, Initial women’s right movements were focused on political equality via voting right for women and made it happen in 19th Amendment, 1920. It was the first major victory forContinue reading “Feminism is nice, but why settle for a lesser idea ?”

नया परिप्रेक्ष्य : व्यापार नहीं है परिवार

व्यापारिकता यदि आप गहन निरीक्षण करें तो सफ़ल व्यक्तियों मे एक गुण अवश्य देखेगें, वह है “व्यापारिकता” (Commercialism). व्यापारिकता वह गुण है जो व्यक्ति को सोचा-समझ कर कार्य करने वाला, भावुक ना होने वाला, लाभ को अर्जित करने वाला एव विस्तारवादी बनाता है । ये सभी गुण व्यापार जगत मे अति सराहनीय है और होनाContinue reading “नया परिप्रेक्ष्य : व्यापार नहीं है परिवार”

स्वरोजगार और समाज

स्वरोजगार और समाज

“स्टार्टअप“, ये चमत्कारी शब्द तो सुना ही होगा । सरकार से लेकर समाज तक सभी जगह ये शब्द चर्चा मे है । बड़े नगरों में तो ये शब्द सर्वाधिक प्रचलित है । जहाँ सरकार पूरी तरह प्रयासरत है, ऐसा प्रतीत होता है की समाज भी इसमे बराबर भगीदार है । परन्तु वास्तविक्ता इससे भिन्न हैContinue reading “स्वरोजगार और समाज”

आज का क्षत्रिय

आज का क्षत्रिय

हम सभी ने पौराणिक युद्ध कथाओं मे एक शब्द का उल्लेख बहुत देखा है, वह है “क्षत्रिय धर्म​” । इस शब्द की रचना के अनेक स्रोत मे से एक है “क्षत्र“, अर्थात वो जो रक्षा करे । भगवत गीता ( 18:43 ) शौर्यं तेजो धृतिर्दाक्ष्यं युद्धे चाप्यपलायनम् | दानमीश्वरभावश्च क्षात्रं कर्म स्वभावजम् || अर्थ –Continue reading “आज का क्षत्रिय”

Global Recession, When China Turned Table

Global Recession, When China Turned Table

Humble China It was first decade of 21st century, when Europe and US were leading world with their robust financial health and open market economy seen as ideal for future of developing countries. China, a developing country, also emerged as the fastest growing large size economy and become the export hub for the world withContinue reading “Global Recession, When China Turned Table”


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